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गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² महिला के ही शरीर का ही अà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंग होता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और पोषण देने का काम करता है. बचà¥à¤šà¤¾ इसी के सहारे मां के गरà¥à¤ में जीवित रहता है. गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला इसी नाल के माधà¥à¤¯à¤® से ही अपने बचà¥à¤šà¥‡ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में माठऔर बचà¥à¤šà¥‡ का शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• लगाव गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² से जà¥à¥œà¤¾ होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² ही माठऔर बचà¥à¤šà¥‡ दोनों को à¤à¤• साथ जोड़े रहता है। इसके अलावा यह बचà¥à¤šà¥‡ तक ज़रूरी पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ पहà¥à¤‚चता है। हालांकि, आप यह जानकर आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤šà¤•ित रह जाà¤à¤‚गे कि बà¥à¤¤à¥‡ हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में जो सबसे आम परेशानी होती है वह गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² से ही जà¥à¥œà¥€ हà¥à¤ˆ है। अगर साफ़ तौर पर बात की जाठतो यह अवसà¥à¤¥à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ के नाà¤à¤¿ से जà¥à¥œà¤¾ हà¥à¤† है या फिर गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² का वह हिसà¥à¤¸à¤¾ जो शरीर के बाकी हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ से जà¥à¥œà¤¾ हà¥à¤† है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ को अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कहते हैं जिसमें बचà¥à¤šà¥‡ की नाà¤à¤¿ काफी उठी हà¥à¤ˆ होती है। कई पेरेंटà¥à¤¸ इसे समठनहीं पाते और घबरा कर सोचने लगते हैं कि इस समसà¥à¤¯à¤¾ का समाधान केवल सरà¥à¤œà¤°à¥€ से हो सकता है। हालांकि यह बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ सच नहीं है। अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ नवजात शिशà¥à¤“ं में होने वाली à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² की देखà¤à¤¾à¤² बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के तà¥à¤°à¤‚त बाद गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² में चिमटी लगाकर उसके नाल को काट दिया जाता है। चूंकि नाल में कोई नस नही होती इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ को किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का दरà¥à¤¦ नहीं होता। बचà¥à¤šà¥‡ के पेट पर नाल का जो हिसà¥à¤¸à¤¾ जà¥à¥œà¤¾ रह जाता है उसे सà¥à¤Ÿà¤‚प यानी ठूà¤à¤ कहते हैं और उस पर चिमटी लगी रहती है। यह ठूà¤à¤ दो से तीन सेंटीमीटर लंबी होती है और अपने आप ही सूख कर गिर जाती है। हालांकि, इस दौरान साफ़ सफाई का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठताकि बचà¥à¤šà¥‡ को किसी तरह का इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ न हो। इसके लिठआप अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल सà¥à¤Ÿà¤‚प को बिलà¥à¤•à¥à¤² सूखा रखें और डायपर को à¤à¥€ ऊपर से मोड़कर पहनाà¤à¤‚। इस बात का ख़ास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि बचà¥à¤šà¥‡ का पेशाब उस पर लगने ना पाà¤à¥¤ बचà¥à¤šà¥‡ का शरीर ख़ास तौर पर अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल सà¥à¤Ÿà¤‚प वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ को ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° खà¥à¤²à¤¾ रखें। इसके लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को ढीले ढाले कà¥à¤°à¥à¤¤à¥‡ के साथ डायपर पहना सकती हैं। à¤à¥‚लकर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को टाइट कपड़े पहनाकर लपेटे नहीं। बेहतर होगा शà¥à¤°à¥‚आती दिनों में आप बचà¥à¤šà¥‡ को टब में न नहलाà¤à¤‚। नहलाने के लिठआप सà¥à¤ªà¤‚ज का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। इस तरह से सावधानी बरत कर आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤² और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन दे सकती हैं। अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है? अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बड़ों दोनों को हो सकता है। आम तौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यह अपने आप ही ठीक हो जाता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मामले में यह समà¤à¤¨à¤¾ बेहद ज़रूरी है कि उनका शरीर अà¤à¥€ तक पूरा विकसित नहीं हà¥à¤† है और हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ तब उà¤à¤°à¤¨à¥‡ लगता है जब उनका कोई आंतरिक अंग पेट में कमज़ोर हिसà¥à¤¸à¥‡ पर दबाव बनाने लगता है। यह बमà¥à¤ª या लमà¥à¤ª की तरह दिखाई देने लगता है। सबसे आम हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पाया जाता है वह अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¤¾ जब रोता है या फिर दरà¥à¤¦ में होता है तो उसकी नाà¤à¤¿ बाहर की तरफ आ जाती है। सामानà¥à¤¯ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नाà¤à¤¿ अपनी जगह पर ही होती है जहां उसे होना चाहिà¤à¥¤ करीब दस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ जनà¥à¤® के बाद शà¥à¤°à¥‚आती दिनों में अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का शिकार हो जाते हैं। कई मामलों में इसमें उपचार की ज़रà¥à¤°à¤¤ ही नहीं पड़ती कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि धीरे धीरे यह अपने आप ही ठीक हो जाता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब संपरà¥à¤• करें? वह हिसà¥à¤¸à¤¾ जहां बचà¥à¤šà¥‡ का धड़ उसके जांघों से मिलता है वहां अकसर पेरेंटà¥à¤¸ को गाà¤à¤ दिखाई पड़ती है। इस तरह की गाà¤à¤ या तो मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® हो सकती है या तो बहà¥à¤¤ ही सखà¥à¤¤à¥¤ यदि आपको à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› à¤à¥€ दिखाई पड़े तो फौरन अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसके बारे में जानकारी दें। हालांकि, इसमें ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डरने वाली बात नहीं होती फिर à¤à¥€ अगर समय पर आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° को इसकी जानकारी दे देंगे तो वे इसका परिकà¥à¤·à¤£ कर आपको बता पाà¤à¤‚गे कि यह किसी अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ का लकà¥à¤·à¤£ तो नहीं।
अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• नहीं होता। यदि आप अपने ननà¥à¤¹à¥‡ शिशॠको दरà¥à¤¦ से तड़पता हà¥à¤† पाà¤à¤‚ तो तà¥à¤°à¤‚त उसे अपने नज़दीकी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में ले जाà¤à¤‚। इस तरह का दरà¥à¤¦ इस बात की और इशारा कर सकता है कि बचà¥à¤šà¥‡ की आंत में मरोड़ हो रही है और अगर वक़à¥à¤¤ रहते इसका इलाज न कराया गया तो यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज कैसे करें? याद रखिये अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बारे में बचà¥à¤šà¥‡ में इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को देखकर ही पता लगाया जा सकता है। कà¥à¤› मामलों में अगर हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ सखà¥à¤¤ हो और न हटता हो या फिर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को किसी बात का शक हो तो à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड या फिर बचà¥à¤šà¥‡ के पेट का à¤à¤•à¥à¤¸ रे कर सकते हैं। हालांकि अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि कई मामलों में इसे इलाज की ज़रूरत ही नहीं पड़ती, न दवा की और न ही किसी सरà¥à¤œà¤°à¥€ की। अगर इसका उपचार न à¤à¥€ किया जाठतो यह समय के साथ जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ लगà¤à¤— à¤à¤• वरà¥à¤· का हो जाठतब यह ठीक हो जाता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तब तक बचà¥à¤šà¥‡ के पेट की मांसपेशियां मज़बूत हो जाती हैं और उनके आंतरिक अंग बाहर की तरफ दबाव नहीं बनाते। वहीं कà¥à¤› मामलों में जब बचà¥à¤šà¥‡ को इससे राहत नहीं मिलती तो इसका उपचार ज़रूरी हो जाता है इसलिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड और à¤à¤•à¥à¤¸ रे ज़रूरी होता है। आम तौर पर जब तक बचà¥à¤šà¤¾ चार से पांच वरà¥à¤· का नहीं हो जाता, डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ सरà¥à¤œà¤°à¥€ नहीं करते। इस पà¥à¤°à¤•ार हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के विषय में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानने के बाद हम उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि आपने राहत की सांस ली होगी। साथ ही आप यह à¤à¥€ समठगठहोंगे कि कब आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेने की ज़रà¥à¤°à¤¤ है ताकि आपके ननà¥à¤¹à¥‡ शिशॠको किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। याद रखिये सावधानी और सही देखà¤à¤¾à¤² से आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और बेहतर जीवन दे सकते हैं।
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